कीचड़ में नंगे पैर चल कर स्कूल जाने को मजबूर हो रहे छात्र

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    मंडीदीप | मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं दी जा रही हैं | बच्चों को पढ़ने के लिए पुस्तक और ड्रेस भी उपलब्ध कराई जा रही है ताकि सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या में वृद्धि हो सके और दूसरी तरफ गांव में बने स्कूलों में पढ़ने के लिए आने वाली सड़क पर पूरी तरह कीचड़ हो रही है |

    बच्चों को कीचड़ में से स्कूल पढ़ने के लिए आना पड़ रहा है | सड़क पर कीचड़ होने की वजह से बच्चे स्कूल जाने से भी डर रहे हैं क्योंकि रोड पर कुछ बच्चे कीचड़ होने की वजह से गिर गए थे जिसके कारण बच्चे कीचड़ से जाने में डर रहे हैं |कीचड़ होने की वजह से बच्चे अकेले स्कूल नहीं जाते परिजनों के द्वारा बच्चों को स्कूल तक छोड़ा जाता है स्कूलों के सामने जलभराव होने के डर की वजह से कुछ बच्चे स्कूल नहीं जाते |

    राजधानी के पास में स्थित मंडीदीप के स्कूलों तक पहुंचने के लिए बच्चों को कीचड़ का सामना करना पड़ता है | मंडीदीप के वार्ड क्रमांक 17 टीला खेड़ी स्कूल लगभग आधा किलोमीटर दूर स्थित है स्कूल तक पहुंचने के लिए बच्चों को उबड़-खाबड़ रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है और बारिश हो जाने की वजह से रोड पर बने गड्ढों में पानी भर जाता है जिसकी वजह से प्रतिदिन बच्चों के साथ हादसे होते रहते हैं जिसके कारण बच्चों में स्कूल जाने का डर भर गया है |

    मंडीदीप के आसपास एक दर्जन से भी ज्यादा गांव की स्थिति यही है | टीला खेड़ी नगर पालिका मंडीदीप में ढाई साल साल पहले ही सम्मिलित हो चुका है लेकिन फिर भी नगर पालिका प्रशासन के द्वारा स्कूल में पहुंचने वाले रोड की मरम्मत नहीं की गई बच्चों के साथ होने वाली दुर्घटनाओं के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है | रोड पर गड्ढे होने का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ता है | कीचड़ की वजह से बारिश के मौसम में 4 महीने सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति काफी कम हो जाती है |

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